A moral story_Emotional story||एक दर्दनाक कहानी जिसको पढ़ने के बाद आप भी रो देंगे।और कुछ सिख भी लेंगे।

हिंदी कहानी और शायरी
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नमस्कार दोस्तो

आज के इस लेख में आपको एक जबरदस्त कहानी बताने वाला हूं।

आपलोगो से अनुरोध है की यह कहानी आपलोगो को अच्छी लगे तो comments जरूर करे।साथ ही इस कहानी को शेयर जरूर करे।

एक गावँ में एक सिकंदर नाम का एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता था। उसका दो पुत्र था -रामलाल और श्यामलाल रामलाल बड़ा और श्यामलाल छोटा था। सिकंदर को दिनरात अपने बेटे का चिंता सता रहा था। क्योंकि वे लोग वयस्क हो चुके थे। उनका बड़े बेटा आलसी और कामचोर था एवम उनका छोटा बेटा बहुत मेहनती और साहसी था।

Hindi Emotional Story

सिकंदर-अपने छोटे बेटा से कहा -सुनो जाओ और 5 रुपये कही से भी कुछ भी करके ले आओ वर्ना मैं तुम्हे बहुत मरूँगा (उसे छोटे बच्चे पर विश्वास था कि ओ पांच रुपये कमा सकता है। इसलिए उसे भेजा।)।

श्यामलाल गांव -गांव भटकने लगा और जो भी व्यक्ति उसे मिलता था उसे कहता था -भाई मुझे कुछ काम दे दो। आज मुझे 5रुपये कमाना है ,यदि मैं 5रुपये कमाकर नही दूंगा तो मेरे पिताजी मुझे पिटेंगे और खाना नही देंगे। मुझे भूख भी लगी है।(उसे 5 रुपये कमाना था इसलिए कई गांव -गांव भटका और 5 रुपये कमाकर ले आया वह बहुत खुश था कि आज मैं पांच रुपये कमा लिया इसलिए मेेरे पिता जी आज नही पिटेंगे वह खुश होते हुए घर गया वह सोचरहा था घर जाऊंगा तो भरपेट खाऊंगा पर ऐसा कुछ नही हुआ वह जैसे ही घर पहुचा उनके पिताजी दरवाजे पर बैठे थे वह खुश होते हुए पिताजी -पिताजी जानते है मैं आज पूरे पांच रुपये कमा कर लाया हूं।)। उनके पिताजी -रे सुन पैसा दे (5रुपये अपने पिताजी को दे देता है) कितना कमा कर लाया है केवल 5रुपये। मैं 5रुपये कहूँगा तो तू 5रुपये कमा कर लाएगा, (उसे बहुत पिटता है और कहता है-कल 20 रुपये कमाकर नही लाया तो कल पेड़ से बांध कर पिटूंगा,(उसे एक सुखी रोटी खाने के लिए देता है ,और बड़े बेटे के लिए खोवा -मलाई खरीद कर देता है।)

अगली दिन-

(श्याम सुबह में जल्दी फ्रेश होकर 10 रुपये कमाने के लिए वह चला जाता है, वह कई गांव में कई लोगो से कहता है-भैया/चाचा मुझे कुछ काम दे दो मुझे दस रुपये कमाना है, कई लोगो से मिलने के बाद उसे काम मिल जाता है और वह 10 रुपये कमा लेता है, उसे जोर की भूख लगा रहता है फिर भी वह पैसा खर्च नही करता है और खुश होते हुए।10 रुपये अपने पिताजी को देता है ,और कहता है पिताजी आज 10 रुपये कमाकर लाया हूँ इस बार भी उसी तरह होता है ,पिताजी उसे धकेल देता है , और फिर बहुत पिटता है और कहता है -कल तू 50 रुपये नही कमाकर लाया तो तुम्हे कल बहुत पिटाई करूँगा। (वह कुछ रूखा-सूखा खाता है और जाकर सो जाता है।

अगली दिन

फिर कुछ रूखा-सूखा खा कर 50 रुपये कमाने के लिए चला जाता है ,वह कई गांवो में घूमता है, और अपना दुख बतलाता है काम ढूढते शहर जाकर बहुत मेहनत करके 50 रुपये तक कमा लेता है ।अब वह बहुत खुश हो जाता है ,की वह आज 50 रुपये तक कमा चुका होता है, और वह सोचता है आज सबसे ज्यादा पैसा कमाया हूँ ,आज मेरे पिताजी बहूत खुश हो जाएगा ।आज से वह मुझे नही मारेंगे।इसी विश्वास से वह जाता है।परंतु वैसा नही होता है ।उसे हमेशा की भांति फिर उसे बहुत पिटता है और कहता है- 50 रुपये क्यो लाया इससे ज्यादा क्यो नही लाया ।(वह बहुत रोता है।उसके द्वारा कमाया गया पैसा बड़े भाई को दे देता है।)कल यदि 100 रुपये कमाकर नही लाया तो घर से निकाल दूंगा खाना भी कल से नही मिलेगा।(वह बहुत रोता है और उसके दिमाग में तरह -तरह के ख्याल आता है, की मैं इतना कमाकर लाता हूँ पर मुझे बहुत मरते है और मेरे भाई कुछ नही कमाता है,तो उसे जो चाहिए जो खिलाता है, मैं कल जाउगा और 100 रुपया कमाकर लाऊँगा परन्तु उसको दूंगा नही उससे हथियार खरीदूंगा और उसे मार दूंगा। )

अगली दिन

जल्दी ही उठ कर चला जाता है ,और हमेशा के भांति दुगुना मेहनत करता है ,शहर में जाकर वहां भी बहुत मेहनत करता है और 100रुपये कमा लेता है,उस पैसे से एक धारदार हथियार खरीद कर घर आता है, और घर मे छुप जाता है ,उधर घर मे उनकी माता-पिता उसका राह देखरहा होता है और कहता है।

माँ- ये जी आप क्यो छोटे बेटे को नही मानते है ,उनको अच्छा खाना भी नही देते है ,परंतु बड़े बेटे जो कुछ नही करता है ,केवल घर पर ही बैठा रहता है उसे अच्छा चीज खिलाते है । वह इतना मेहनत करता है फिर भी आप उसे मारते है ,और आज उनको 100रुपये कमाने के लिए भेज दिये है ,वह नही कमा पायेगा तो भाग जाएगा ।आप उनको आज नही पीटीएगा मेरा बेटा 100 रुपये नही कमा पायेगा।

उनके पिताजी बोलते है- आरे पगली वह मेरा शेर बेटा है, वह जो चाहे वह कर सकता है, आप जानती है कि मैं उसे नही प्यार करता हूँ। मैं उसको बहुत प्यार करता हूँ। देखिएगा मेरा बेटा आज जरूर 100 रुपये कमा कर ले आएगा। जो बेटा 5रुपये से 50 रुपये तक कमा सकता है ,तो वह आज 100 रुपये क्यो नही कमा सकता । वह आएगा और आज वह 100 रुपये के काबिल हो चुका है। इस बेटा के लिए मुझे कोई चिंता करने की जरूरत नही है ।मुझे तो चिंता है उस कामचोर अलसी लड़के का जिसका जिंदगी कैसे कटेगा, मैं जबतक जिंदा हूँ ,उसे कुछ खिला पिला दे रहा हू। (यह सारी बात जब उसका छोटा बेटा सुना तो वह बहुत रोते -रोते अपने पिताजी के पैरो पर गिर गया और माफी मांगने लगा पिताजी मुझे माफ़ कर दीजिए आज मैं आपको मारने के लिए एक हथियार खरीदा हूँ। आप मेरे लिए कितना सोचते थे ।मैं आपको गलत समझता था। मुझे माफ़ कर दीजिए।

Moral- यदी मेरे माता-पिता या गुरु मुझे कुछ करने के लिए कुछ कह रहा है तो उसके पीछे कोई ना कोई कारण है जो मेरे हित में होगा।

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